सामान की खरीद के बाद आउटलेट्स की ओर से बैग के लिए अकसर पैसे लेने के मामले सामने आते हैं, लेकिन चंडीगढ़ की एक शू फर्म को इस पर जुर्माना झेलना पड़ा है। बाटा के आउटलेट ने ग्राहक को जूतों की खरीद के बाद एक पेपर बैग दिया था, जिसके लिए उसने 3 रुपये की वसूली की थी। इस पर ग्राहक ने उपभोक्ता अदालत में जाने का फैसला लिया और कोर्ट ने कंपनी की आलोचना करते हुए कहा कि वह अपनी सर्विस में कमी के लिए ग्राहक को जुर्माने के तौर पर 9,000 रुपये की रकम अदा करे।

चंडीगढ़ के दिनेश प्रसाद रतूरी ने बाटा स्टोर की ओर से जूतों के लिए 402 रुपये लेने के बाद 3 रुपये अतिरिक्त बैग के लिए वसूले जाने के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कन्ज्यूमर फोरम ने इसे गलत कारोबारी तरीका करार दिया है और बाटा इंडिया से ग्राहकों को बैग मुफ्त में मुहैया कराने को कहा है।

फोरम ने कंपनी को आदेश दिया कि वह पेपर बैग के लिए वसूली करने से पीड़ित ग्राहक को मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के लिए 3,000 रुपये अदा करे। इसके अलावा उपभोक्ता अदालत ने कंपनी को कानूनी कार्रवाई में खर्च की भरपाई के लिए 1,000 रुपये और उपभोक्ता लीगल सहायता अकाउंट में 5,000 रुपये जमा कराने का आदेश दिया है।

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